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शोषण से लड़ने की नई ताकत

by राष्ट्रीय साक्षरता मिशन
" अगर देश भर में चल रहा साक्षरता अभियान इन लोगों को इनकी ताकत को आवाज़ दे सके, विशवास की भाषा दे सके , तो ऐसी गुणात्मक शक्ति पैदा होगी जो जीवन को बिलकुल नया अर्थ दे देगी । यह ऐसी प्रक्रिया नहीं होगी जो लोककथाओं और पारंपरिक ज्ञान के भंडार को नष्ट करेगी बल्कि एक समुदाय को समझ कर उसे फलने - फूलने और विकसित होने में मदद करेगी । " आगे पढ़िए...
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डंगर दाई कुकूबेन

by जूही जैन
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नई दिशाएं , नए कदम

by साभार: टाइम्स ऑफ़ इंडिया
" पत्थरों को तोडा हैं, पर्वतों को फोड़ा हैं । बनाया मकान हमने , ईंट लहू को जोड़ा हैं । " आगे पढ़िए...
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औरत अकेली भी जी सकती हैं ।

by वीणा शिवपुरी
"कोई चोरी चकारी , धर्म-कर्म या मर्दो कि लड़ाई हो तो पंच बीच में पड़ते हैं । जाति और समाज बीच में बोलता हैं । जब किसी औरत पर अत्याचार हो तो सबको सांप सूंघ जाता हैं । हर कोई उसे घरेलु मामला कह कर छोड़ देता हैं । जब पति और परिवार रक्षक के बदले भक्षक बन जाए तब भी कोई कुछ नहीं बोलता । यही कारण हैं कि आज भी लाखों औरतें घर के भीतर मारी जा रही हैं ।" आगे पढ़िए...
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बढ़ी चलो लेकर साक्षरता की मशील

by वीणा शिवपुरी
"साक्षरता तो एक पहिया हैं जो ज़िंदगी की गाडी को अच्छी तरह आगे ले जाता हैं । पहिया घूमता हैं तो गाडी आगे बढ़ती हैं । पर ध्यान रहे , पहिए और गाडी के बीच की किली मज़बूत रहें । वरना पहिया घूमता रहेगा और आगे नहीं बढ़ेगी । ऐसी साक्षरता का कोई फायदा नहीं जो वेक्ति को अपने अधिकारों के प्रति सचेत न करे । " आगे पढ़िए
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जीवन के बदलते दिन

by आरती श्रीवास्तव
" मेरे हाथो की चूड़िया कनक गई, मैंने हैण्डपम्प बनाना सीख लिया मेरे सिर का घूंघट खुल भी गया , मैंने इण्डिया मार्क थी लगाना सीख लिया चाहे धोती फटी - चाहे चूड़ी टूटी, मैंने टूलस पकड़ना सीख लिया अरे हाथों में छाले पड़ भी गए, मैंने प्लेटफॉर्म बनाना सीख लिया " आगे पढ़िए...

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Concept: Jagori | Content: Amrita Nandy | Design: Avinash Kuduvalli
Development and Maintenance: Zenith Webtech

About Living Feminisms

Living Feminisms is an attempt to share archives preserved by Jagori, a New Delhi-based feminist organisation from the eighties. It offers subjective accounts by our curators as well as access to publications, songs, pamphlets, posters, photographs, poems etc. Together, they reflect the diverse spectrum that is the autonomous Indian women’s movement, its struggles, solidarities and differences, laughter, anger, carefree moments, campaigns, love, loss, work and home.

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