मुस्लिम महिलाओं की पहचान

by ज़ोया हसन / Ref ज़ोया हसन
प्रस्तुत लेख इस बात को रेखांकित करता है कि आर्थिक-सामाजिक विकास प्रतिक्रिया, चाहे वह राज्य चलित ही क्यों न हो, का प्रभाव क्षेत्र व समुदाय के अनुसार भिन्न होता है। स्पष्ट करना ज़रूरी है कि इस लेख में मुस्लिम महिलाओं को एक अलग वर्ग की तरह देखने के विचार की पैरवी नहीं की गई है, बल्कि वर्ग, धर्म, क्षेत्र, संस्कृति आदि पर आधारित फर्कों और अन्तर्सम्बन्धों को समझने की ज़रुरत पर रोशनी डाली गई है।
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Jagori
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