मीराबाई- एक ऐसी नदी जो बांधी न जा सकी

by कमला भसीन / Ref कमला भसीन
अक्सर लोग नारीवाद को 'पाश्चात्य की देन' कहकर और 'स्वदेशी' की दुहाई देकर नकार देते हैं। प्रस्तुत लेख में मीराबाई का उदाहरण पेश करते हुए लेखिका इस बात को स्पष्ट करती हैं कि नारीवादी सोच कहीं बाहर से नहीं आई है बल्कि हर सदी में भारत में नारीवादी सोच रखने वाली औरतें रही हैं। इस लेख में मीराबाई की तुलना एक नदी से की गई है जो सामाजिक बांधों में बांधकर न रह सकी, औरतों पर लगाए गए बंधनों में जीने को तैयार न हुई और बह निकली।
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Jagori
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