स्त्री की पवित्रता पुरुष का अहम

by लिली सिंह / Ref लिली सिंह
"पवित्रता शब्द के मानवीय पहलुऔ पर भी गौर किया जाना चाहिए । यह ऐसी मनोवैज्ञानिक युक्ति हैं, जिसे थोड़ी भी जागरूक और आत्मनिर्भर औरत नकार सकती हैं । जब पुरुष एक स्त्री तक सिमति नहीं रह सखा हैं और अधिकार - पूर्वक अन्य स्त्रियों का उपभोग करता हैं, तब यह औरत से पवित्रता की मांग करने का साहस कैसे कर सकता हैं । ... नारी चरित्र के निर्यणकर्ता के रूप में पुरुष को कभी भी स्वीकार नहीं किया जा सकता । " आगे पढ़िए...
Editor Translator Photographer Publisher
Sevagarm Viikas Sansthan
Page count Languages Volume Compiler
2