मानसिक स्वस्थ्य और खुशहाली

by किश्वर अहमद-शिराली / Ref किश्वर अहमद-शिराली
औरतों के लिए उनकी मानसिक खुशहाली उनकी सम्पूर्णता से जुड़ी है। जब औरतों को अपने अनुभवों, ग़ुस्सा, आंसू, अवमनना, अपने 'पागलपन' को बाँटने की जगह मिलती है और वे अपने इच्छानुसार व्यवहार कर पति हैं, तो अपने आप रोग-मुक्त हो उठती हैं। इस लिहाज़ से नारीवाद अपने आप में ही औरतों के रोग का निदान हो सकता है- यही कुछ कहता है प्रस्तुत लेख।
Editor Translator Photographer Publisher
Jagori
Page count Languages Volume Compiler
3